शहडोल में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर कथित प्रहार! पत्रकार को मिली धमकी, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
(ख़बर टैप | शहडोल)
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से पत्रकारिता की स्वतंत्रता से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जनता की आवाज़ उठाने वाले पत्रकार को खबर प्रकाशित करने के बाद फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकाया गया। इस घटना ने जिले के पत्रकारों में आक्रोश पैदा कर दिया है।
शिकायती आवेदन के अनुसार, धनपुरी थाना क्षेत्र निवासी एवं दैनिक विराट प्रदेश, यश भारत तथा नवभारत से जुड़े पत्रकार अंकित गुप्ता ने साक्ष्यों के आधार पर एक समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद आरोप है कि धनपुरी थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) भूपेंद्र सिंह ने उनके मोबाइल पर कॉल कर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और कथित रूप से कहा, "तेरी पत्रकारिता निकाल दूंगा", साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पत्रकार अंकित गुप्ता का कहना है कि उनके द्वारा प्रकाशित समाचार में किसी भी व्यक्ति का नाम, पद या पहचान का उल्लेख नहीं किया गया था। इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाया गया, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष पत्रकारिता पर दबाव बनाने का प्रयास प्रतीत होता है।
पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद पत्रकार अंकित गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक, शहडोल को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर 5 जुलाई 2026 की प्राप्ति मुहर भी दर्ज है।
पत्रकार संगठनों में आक्रोश
इस घटना को लेकर जिले के पत्रकारों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। पत्रकार परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि शहडोल पुलिस प्रशासन अपने ही विभाग के एक कर्मचारी पर लगे इन आरोपों की जांच किस निष्पक्षता और गंभीरता से करता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल एक पत्रकार का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय होगा।

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