Updated On: 15 Oct, 2026

सोनू की मौत का जिम्मेदार कौन—पुलिस, तहसीलदार, SDM या पूरा प्रशासन

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शहडोल/जैतपुर
12 चक्का ट्रक कहां से आया, कहां जा रहा था? अवैध रेत कारोबार पर उठे गंभीर सवाल

जैतपुर में सोनू वर्मा की मौत ने पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर 12 चक्का ट्रक कहां से आया था और कहां जा रहा था? क्या वह अवैध रेत लोड करने किसी ठिकाने पर जा रहा था? यदि थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत कारोबार चल रहा था, तो जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की?

थाना प्रभारी समीर वारिस और अहमद की भूमिका पर सवाल

स्थानीय स्तर पर अवैध रेत कारोबार को लेकर लगातार सूचनाएं सामने आने के बीच सवाल है कि क्या थाना प्रभारी समीर वारिस को इन गतिविधियों की जानकारी थी? यदि जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? वहीं, थाना प्रभारी के करीबी बताए जाने वाले अहमद की भूमिका को लेकर भी उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

तहसीलदार और SDM की जवाबदेही कौन तय करेगा?

जैतपुर क्षेत्र में करीब 10 स्थानों पर अवैध रेत कारोबार संचालित होने के आरोप हैं। कुछ दिन पहले खनिज विभाग की कार्रवाई के बावजूद यदि गतिविधियां दोबारा शुरू हुईं, तो यह गंभीर विषय है। सवाल तहसीलदार, SDM और खनिज विभाग से भी है कि कथित अवैध ठिकानों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई और शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचने से क्यों नहीं रोका गया?

पुरानी खदान और कथित अवैध ठिकानों की जांच जरूरी

सूत्रों के मुताबिक, ट्रक वंशिका कंस्ट्रक्शन की पुरानी खदान के आसपास करिया सिहरा क्षेत्र में कथित ठिकानों पर रेत लोड करने जा रहा था। इन आरोपों की पुष्टि के लिए ट्रक की आवाजाही, सीसीटीवी, कॉल रिकॉर्डिंग फुटेज, वाहन दस्तावेज और संबंधित स्थलों की जांच आवश्यक है।

खनिज विभाग की कार्रवाई से पहले सूचना लीक होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। यदि इनमें सच्चाई है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

कलेक्टर शहडोल से कार्रवाई की मांग

सोनू वर्मा की मौत के मामले में ट्रक के वास्तविक गंतव्य और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि अवैध रेत कारोबार या किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका सामने आती है, तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए। अवैध उत्खनन और परिवहन की पुष्टि होने पर खनिज कानूनों के अनुसार कार्रवाई तथा राजस्व नुकसान की वसूली भी हो।

ग्रामीण व क्षेत्र वासियों की ओर से ख़बर TAP का सवाल—क्या सोनू की मौत के बाद प्रशासन जवाबदेही तय करेगा, या अवैध रेत कारोबार यूं ही चलता रहेगा

अगर आज प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में किसी और की जान खतरे में पड़ सकती है। अब जरूरत है निष्पक्ष जांच, पारदर्शी कार्रवाई और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कदम उठाने की।