प्यार का धोखा बना खूनी खेल, भाभी ने बहन के बदले में काटा देवर का निजी अंग
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मऊआइमा थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना ने इलाके को हिलाकर रख दिया है। तीन साल पुराने प्रेम प्रसंग में शादी से इंकार करने पर एक युवक की भाभी ने क्रोधित होकर उसके निजी अंग को चाकू से काट डाला। घायल देवर की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि आरोपी भाभी फरार है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छापेमारी शुरू कर दी है। यह घटना न केवल पारिवारिक कलह की गहराई दर्शाती है, बल्कि समाज में प्रेम और धोखे की जटिलताओं पर सवाल भी खड़े करती है।
घटना मलखानपुर गांव की है, जहां राम आसरे नामक व्यक्ति के परिवार में सदियों पुरानी जैसी तनातनी ने हिंसक रूप ले लिया। राम आसरे के पांच बेटों में दूसरे नंबर के बेटे उदय कुमार की शादी चार साल पहले कहली गांव की मंजू से हुई थी। मंजू और उदय के छोटे भाई उमेश कुमार के बीच तीन साल पहले प्रेम का सिलसिला शुरू हुआ। दोनों ने एक-दूसरे से शादी का वादा किया और परिवार को भी इस रिश्ते की भनक लग चुकी थी। उमेश ने मंजू की छोटी बहन से शादी करने का भरोसा दिलाया था, और दोनों के बीच घनिष्ठता भी हो चुकी थी। लेकिन तीन महीने पहले अचानक उमेश ने मन बदल लिया। उसने घरवालों को बताया कि वह किसी और लड़की से प्यार करता है और उसी से ब्याह रचाना चाहता है।
यह बात मंजू की छोटी बहन के लिए सदमे की तरह थी। प्रेम में धोखा खाकर वह डिप्रेशन का शिकार हो गई। उसने परिवार को आत्महत्या की धमकी तक दे डाली। मंजू ने उमेश को बहुत समझाया, लेकिन वह जिद पर अड़ा रहा। क्रोध और बहन के दर्द से आहत मंजू ने बदला लेने का फैसला कर लिया। 16 अक्टूबर की रात करीब 2 बजे, जब उमेश अपने कमरे में गहरी नींद में था, मंजू चुपचाप अंदर घुसी। उसके हाथ में तेज धार वाला चाकू था। गुस्से में उसने उमेश पर चार बार वार किया और उसके निजी अंग को काट डाला। दर्द से कराहते उमेश की चीखें सुनकर परिवार के सदस्य जाग पड़े। उन्होंने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया, जहां से उसे प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल (एसआरएन) के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
डेढ़ घंटे लंबे आपातकालीन ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उमेश की जान तो बचा ली, लेकिन उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। चिकित्सकों के मुताबिक, गंभीर चोट के कारण आगे जटिलताएं हो सकती हैं। मंजू ने वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गई। उमेश के पिता राम आसरे ने मऊआइमा थाने में अपनी बहू मंजू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। एसपी सिटी अपराध आशीष तिवारी ने बताया, "टीमें गठित कर आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पूरे मामले की गहन जांच चल रही है।"
यह घटना परिवार के अंदरूनी झगड़ों को उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि उमेश का अचानक रुख बदलना परिवार में पहले से चले आ रहे विवादों को हवा दे गया। कुछ लोगों का मानना है कि प्रेम प्रसंग की जानकारी होने के बावजूद परिवार ने हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे मामला बिगड़ गया। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में युवाओं को काउंसलिंग की जरूरत होती है, ताकि भावनात्मक धोखा हिंसा में न बदले। प्रयागराज पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है, जिसमें प्रेम संबंधों और पारिवारिक विवादों पर फोकस होगा।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी तहलका मचा दिया है। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कई यूजर्स ने इसे "प्यार का खौफनाक अंत" बताते हुए पोस्ट शेयर कीं। एक यूजर ने लिखा, "धोखा देने का अंजाम इतना भयानक हो सकता है, सबक लें।" फिलहाल, पुलिस आरोपी मंजू की लोकेशन ट्रैक करने में जुटी है, और परिवार टूट चुके बेटे की इलाज में जुटा हुआ है। यह केस न केवल कानूनी लड़ाई का विषय बनेगा, बल्कि समाज को रिश्तों की नाजुक डोर पर सोचने को मजबूर करेगा।

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