अनूपपुर में खौफनाक डबल मर्डर: खुले बरामदे में कत्लेआम, बेटा लौटा तो बिखरा था लहूलुहान सन्नाटा
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के लखनपुर गांव में बुधवार की सुबह ने पूरे इलाके को दहशत में डुबो दिया। खुले बरामदे में खून से सने पड़े दो शव—40 वर्षीय राजेंद्र उर्फ बबलू पटेल और 25 वर्षीय सीमा बैगा—मानो बता रहे थे कि रात में यहां कितना खौफनाक तांडव हुआ होगा। राजेंद्र की पत्नी रूपा गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
गनीमत रही कि —घर में ही सो रहा 8 साल का मासूम आयुष जिंदा बच गया। उसे खरोंच तक नहीं आई।
सुबह-सुबह बेटे ने देखा दिल दहला देने वाला मंजर
राजेंद्र का बेटा आलोक रात ट्रैक्टर से खेत पर गया था। सुबह लौटा तो सामने जो दिखा, उसे देखकर होश उड़ गये
पिताजी बरामदे में खून से लथपथ घरेलू सहायिका सीमा बैगा अपने बिस्तर पर मृत, मां रूपा बुरी तरह घायल
तीनों पर धारदार हथियार से इतने बेरहम वार किए गए कि पहचान भी मुश्किल थी।
8 साल का बच्चा बच गया… कैसे?
बरामदे में ही सो रहा छोटा आयुष सुरक्षित मिला। न आवाज सुनी, न किसी ने उसे छुआ। यही बात पूरे हत्याकांड को और भी रहस्यमय बना रही है।
गांव में दहशत, लोग खामोश
राजेंद्र पटेल गांव में सम्मानित किसान थे—दो ट्रैक्टर, सिंचित जमीन और किसी से खुली दुश्मनी नहीं। फिर इस खूनखराबे की वजह क्या? कोई नहीं जानता, और जो जानते होंगे… वे बोल नहीं रहे।
कातिल कौन? पेशेवर या कोई बेहद निडर?
हमले की क्रूरता बताती है कि कातिल पूरी तैयारी से आया था। अचानक हमला नहीं
संघर्ष के निशान मौजूद
वार बेहद घातक और सिर पर केंद्रित
डॉग स्क्वॉड, एफएसएल और पुलिस टीम लगातार सुराग जोड़ रही है।
लखनपुर में सन्नाटा, हर चेहरे पर डर
एक समृद्ध परिवार रातोंरात मौत के साये में समा गया। गांव वाले खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन डर साफ दिख रहा है। हत्यारे का चेहरा कौन है—इसका जवाब अभी धुंध में छिपा है।

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