Updated On: 08 Jan, 2026

माघ मास में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, कथा श्रवण से मिलता है मोक्ष का मार्ग

कलयुग में नाम संकीर्तन ही सर्वोत्तम साधन : आचार्य लक्ष्मीकांत मिश्र

ग्राम रसमोहनी | 8 जनवरी 2026
पुण्यदायी माघ मास के शुभ अवसर पर ग्राम रसमोहनी में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ से कथावाचक आचार्य लक्ष्मीकांत मिश्र ने भागवत महात्म्य का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी।

कथा के दौरान आचार्य लक्ष्मीकांत मिश्र ने कहा कि श्रीमद्भागवत साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष का द्वार खुलता है। उन्होंने बताया कि भागवत कथा वह दिव्य अमृत है, जो जीवन से अज्ञानता का अंधकार दूर कर भक्ति का प्रकाश फैलाती है। कलयुग में नाम संकीर्तन को उन्होंने सर्वोत्तम साधन बताया।

वहीं मंदिर प्रांगण में यज्ञाचार्य वेदकांत मिश्र (वाराणसी) के सान्निध्य में प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से श्रीमद्भागवत का मूल पाठ एवं विधिवत वैदिक विधि से पूजन संपन्न कराया जा रहा है।

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
कथा के पहले ही दिन आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पंडाल में बैठने की व्यवस्था कम पड़ गई, फिर भी श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन नजर आए। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न अवतारों एवं दिव्य लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।

इस पावन अवसर पर ठाकुर बाबा भक्त सहित समस्त ग्रामवासी एवं आयोजन समिति के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।