Updated On: 20 Feb, 2026

एपस्टीन फाइल्स में भारत कनेक्शन: 2020 के ईमेल से खुला राज, भारतीय पीड़िता की तलाश में अमेरिकी अधिकारी

अमेरिका में जारी नई “एपस्टीन फाइल्स” ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। बाल यौन अपराधों के दोषी अमेरिकी फाइनेंसर Jeffrey Epstein से जुड़े दस्तावेजों में पहली बार एक भारतीय लड़की के पीड़ित होने का उल्लेख सामने आया है। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों में 13 जनवरी 2020 का एक ईमेल शामिल है, जिसने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
यह ईमेल पीड़ितों का केस लड़ रही लॉ फर्म Edwards Pottinger LLC की वकील ब्रिटनी हेंडरसन की ओर से अमेरिकी अधिकारियों को भेजा गया था। ईमेल में उन्होंने बताया कि कुछ पीड़िताएं मानसिक आघात से उबरने के लिए थेरेपी लेना चाहती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने एक भारतीय लड़की का जिक्र किया, जो उस समय भारत में रह रही थी।
ईमेल में पूछा गया था कि क्या अमेरिकी प्रशासन भारत में रह रही इस पीड़िता को भी छह मुफ्त थेरेपी सेशन उपलब्ध करा सकता है? साथ ही यह भी जानने की कोशिश की गई कि क्या उसे मुआवजा योजना के दायरे में शामिल किया जा सकता है। अधिकारियों ने जवाब में पीड़िताओं को मुआवजा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी। अमेरिका में यह सहायता न्यूयॉर्क स्थित ऑफिस ऑफ विक्टिम सर्विस और इमरजेंसी विक्टिम सहायता कोष के जरिए दी जाती है।
हालांकि दस्तावेजों में भारतीय लड़की की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है। अपराध मामलों में पीड़ित की निजता की रक्षा के लिए नाम और अन्य पहचान योग्य जानकारी हटा दी जाती है। लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खुलासे के बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि 2025 में अमेरिकी कांग्रेस ने Epstein Files Transparency Act पारित किया था, जिस पर तत्कालीन राष्ट्रपति Donald Trump ने हस्ताक्षर किए। इसके बाद दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में लाखों पन्नों के दस्तावेज, हजारों वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक की गईं।
एपस्टीन फाइल्स में मानव तस्करी, यौन शोषण और प्रभावशाली लोगों से संबंधों से जुड़े लाखों रिकॉर्ड शामिल हैं। भारतीय पीड़िता का उल्लेख सामने आने के बाद यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय आयाम ले चुका है। फिलहाल अमेरिकी अधिकारी कथित भारतीय पीड़िता तक पहुंचने और उसे न्याय व मानसिक स्वास्थ्य सहायता दिलाने के प्रयास में जुटे हैं।