Updated On: 15 Mar, 2026

तहसील में बिना पैसे नहीं होता काम – जैतपुर में राजस्व मामलों में हजारों की मांग, जांच की उठी आवाज “कोटवार, पियून और पटवारी पर गंभीर आरोप– जैतपुर तहसील में उगाही के खेल की चर्चा तेज

जैतपुर -(शहडोल)
जैतपुर तहसील इन दिनों गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहसील कार्यालय में कुछ कर्मचारियों और बाहरी लोगों की मिलीभगत से तहसीलदार के नाम पर लाखों रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।

बताया जा रहा है कि इस कथित वसूली तंत्र में कोटवार, पियून, एक नगर सेना जो वर्तमान में पटवारी है इनकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। आरोप है कि जमीन से जुड़े मामलों—जैसे नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व कार्य—के लिए आने वाले लोगों से 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की मांग की जाती है।

“कद्दू कटेगा तो सबमें बंटेगा” – वसूली का कथित फार्मूला

सूत्रों के अनुसार, अवैध वसूली के पैसे को लेकर एक तय बंटवारे की चर्चा भी सामने आई है। कथित तौर पर कहा जाता है कि
“बड़े साहब को 50 प्रतिशत दे दो, बाकी छोटे साहब और अन्य लोगों में बांट लो, तब सब सुरक्षित रहेंगे।”
इस तरह की बातों ने तहसील की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गरीब और ग्रामीणों पर सबसे ज्यादा असर

बताया जा रहा है कि तहसील में अपने छोटे-छोटे काम लेकर आने वाले गरीब और ग्रामीण नागरिकों को सबसे ज्यादा परेशान होना पड़ रहा है। बिना पैसे दिए उनके आवेदन महीनों तक लंबित रखने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

कलेक्टर और लोकायुक्त से जांच की मांग

मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच Office of the Collector, Shahdol के माध्यम से कराई जाए और जरूरत पड़ने पर Lokayukta Organization Madhya Pradesh से भी जांच कराई जाए।

लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि तहसील कार्यालयों में आम जनता से होने वाली कथित अवैध वसूली पर रोक लग सके और प्रशासन में लोगों का विश्वास बना रहे।