क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? युद्ध के बीच पीएम Narendra Modi का बड़ा अलर्ट, देश को रहना होगा तैयार!
भारत की संसद में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल रहा है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है। प्रधानमंत्री के अनुसार, देश के सामने आर्थिक, सुरक्षा और मानवीय—तीनों प्रकार की अप्रत्याशित चुनौतियाँ उभर रही हैं।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता व्यक्त की। भारत अपनी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस पश्चिम एशिया से आयात करता है, और यह आपूर्ति मुख्य रूप से होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते आती है। युद्ध के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश में पेट्रोल, डीज़ल और गैस की सप्लाई को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने रणनीतिक तौर पर कच्चे तेल का बड़ा भंडार तैयार कर रखा है और अतिरिक्त रिजर्व बनाने का काम जारी है। इसके साथ ही इथेनॉल ब्लेंडिंग, रेलवे के विद्युतीकरण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे कदमों के जरिए देश अपनी ऊर्जा निर्भरता को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मानवीय पहलू पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से लाखों भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया गया है। भारतीय दूतावास लगातार 24 घंटे वहां मौजूद नागरिकों की सहायता कर रहे हैं। कुछ भारतीयों की मृत्यु की खबर भी सामने आई है, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi ने संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की मांग की है, ताकि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें और स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सके।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि भारत शुरू से ही शांति और कूटनीति के पक्ष में रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा और नागरिक ठिकानों पर हमले नहीं होने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर बाधा अस्वीकार्य है। साथ ही उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और सतर्क रहें, क्योंकि ऐसे संकट के समय गलत जानकारी तेजी से फैल सकती है।

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