₹48 हजार की नौकरी, दिल्ली में ‘हॉस्टल’… फिर विदेश भेजने की तैयारी? पटना की नर्स के आरोप से रोजगार मेले पर सवाल
पटना में आयोजित मेगा रोजगार मेले से नौकरी पाने वाली एक GNM नर्स की शिकायत ने सरकारी जॉब फेयर में शामिल कंपनियों की जांच-पड़ताल और युवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नर्स का आरोप है कि उसे ₹48,000 प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला, लेकिन दिल्ली पहुंचने के बाद हालात उसके बताए गए जॉब प्रोफाइल से बिल्कुल अलग निकले।
पीड़िता के मुताबिक, उसे पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेले के दौरान नियुक्ति पत्र दिया गया था। बेहतर वेतन और करियर की उम्मीद में उसने पटना की करीब ₹15,000 प्रतिमाह वाली पुरानी नौकरी छोड़ दी और दिल्ली चली गई। लेकिन उसका कहना है कि वहां अस्पताल में ड्यूटी दिलाने के बजाय उसे एक कथित हॉस्टल जैसी जगह पर रखा गया।
नर्स का आरोप है कि वहां उससे नर्सिंग से अलग काम करवाए गए। उसने दावा किया कि उससे शौचालय साफ कराने और घर में पोछा लगाने जैसे काम भी कराए गए। तय समय से अधिक काम कराने और रहने की व्यवस्था ठीक न होने की भी शिकायत की गई है।
‘विदेश भेजने की तैयारी थी’
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि नर्स को कथित तौर पर विदेश भेजने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। महिला के मुताबिक, उसने परिस्थितियों का विरोध किया तो उस पर दबाव बढ़ा।
करीब चार दिन वहां रहने के बाद 6 सितंबर को उसे मौका मिला और उसने अपने पति से संपर्क किया। इसके बाद वह उस जगह से निकलने में सफल रही।
पटना लौटने के बाद नर्स मुख्यमंत्री आवास पहुंची और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। बिना पूर्व अनुमति के अंदर जाने से रोके जाने पर वहां हंगामे जैसी स्थिति बनी।
जॉब फेयर की व्यवस्था पर उठे सवाल
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि संबंधित नौकरी बिहार सरकार के रोजगार मेले के जरिए मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मेले में 112 कंपनियां शामिल हुई थीं और हजारों युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई थी।
अब सवाल उठ रहा है कि रोजगार मेले में शामिल कंपनियों की विश्वसनीयता, वास्तविक कार्यस्थल, जॉब प्रोफाइल और प्लेसमेंट के बाद कर्मचारियों की सुरक्षा की जांच किस स्तर पर की गई थी।
फिलहाल महिला के आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित कंपनी का पक्ष सामने आना जरूरी है। मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रोजगार मेले में सिर्फ नियुक्ति पत्र देना पर्याप्त नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की सुरक्षा, कंपनी सत्यापन और प्लेसमेंट के बाद निगरानी भी उतनी ही जरूरी है।

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