Updated On: 09 Oct, 2025

क्या प्रशांत किशोर अब नहीं लड़ेंगे चुनाव? करगहर से भोजपुरी स्टार को टिकट देकर जनसुराज ने बढ़ाया सस्पेंस

बिहार विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच प्रशांत किशोर (PK) को लेकर बड़ा राजनीतिक सस्पेंस गहराता जा रहा है। गुरुवार को जनसुराज पार्टी ने अपने 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की — लेकिन हैरानी की बात ये रही कि उसमें पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर का नाम शामिल नहीं था।
पार्टी की इस सूची में सबसे बड़ा चौंकाने वाला फैसला करगहर सीट को लेकर आया है। यह वही सीट है, जहां से खुद प्रशांत किशोर ने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन जनसुराज ने वहां से भोजपुरी गायक रितेश रंजन पांडेय को टिकट देकर सबको चौंका दिया। अब सवाल उठ रहा है — क्या प्रशांत किशोर इस बार खुद मैदान में नहीं उतरेंगे?
जनसुराज पार्टी ने एलान किया है कि वह बिहार की सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी। ऐसे में प्रशांत के लिए विकल्प बचे हैं, लेकिन सीमित। अनुमान लगाया जा रहा है कि वह वैशाली की राघोपुर सीट से उतर सकते हैं, जो तेजस्वी यादव का गढ़ है, या फिर नीतीश कुमार के खिलाफ चुनावी मुकाबला चुन सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, प्रशांत किशोर शायद खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे और रणनीतिकार की भूमिका में रहेंगे। अगर वह किसी सीट से चुनाव लड़ते हैं, तो उन्हें पूरे बिहार में चुनाव अभियान चलाने में मुश्किल हो सकती है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि प्रशांत 11 अक्टूबर से राज्यव्यापी चुनावी आंदोलन शुरू करने वाले हैं।
पार्टी ने साथ ही चंदा अभियान भी शुरू किया है ताकि जनता से सीधे जुड़ाव कायम किया जा सके। जनसुराज की पहली सूची में 7 सुरक्षित और 44 सामान्य सीटों के उम्मीदवारों का नाम है। इनमें 17 अति पिछड़ा वर्ग, 11 पिछड़ा वर्ग, 9 सामान्य वर्ग, और 7 अल्पसंख्यक वर्ग के प्रत्याशी शामिल हैं।
सबसे दिलचस्प नामों में गोपालगंज की भोरे सीट से प्रीति किन्नर और छपरा शहर से पूर्व एडीजी जेपी सिंह शामिल हैं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशांत किशोर खुद चुनावी रणभूमि में उतरते हैं या सिर्फ परदे के पीछे रहकर बिहार की राजनीति में नई कहानी लिखते हैं।